हिमाचल में बर्फबारी से कई सड़कें बंद, अप्पर शिमला में जनजीवन प्रभावित

शिमला, 13 दिसम्बर । हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को भी बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि निचले व मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। पर्वतीय जिलों में व्यापक हिमपात से 100 से अधिक सड़कें बंद हैं। अकेले शिमला जिला में करीब 50 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है तथा राज्य पथ परिवहन निगम के अनेक रूट प्रभावित हुए हैं। नारकंडा, खड़ापत्थर और चैपाल में आठ इंच तक बर्फ जमी है।

पर्यटन स्थल कुफरी में भी बर्फ की मोटी परत जम गई है। व्यापक हिमपात की वजह से अप्पर शिमला के कई क्षेत्रों का राज्य मुख्यालय से संपर्क कट गया है तथा कुछ गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। रामपुर-शिमला नेशनल हाईवे संख्या-5 नारकंडा में अवरूद्व है तथा रामुपर व किन्नौर के लिए एचआरटीसी की बसें बसंतपुर के वैकल्पिक मार्ग से भेजी जा रही हैं। रोहड़ू-शिमला मुख्य मार्ग खड़ापत्थर तथा रोहड़ू-चैपाल मुख्य मार्ग खिड़की नामक स्थान पर अवरूद्व हैं। भारी बर्फबारी के चलते रोहड़ू, रामपुर व चैपाल उपमंडलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

शिमला से सटे पर्यटक स्थलों में हुए हिमपात से पर्यटकों के चेहरे खिले हैं। बर्फबारी की चाह में पर्यटकों ने शिमला में डेरा डाल लिया है। शिमला शहर में रात भर बर्फीली हवाओं के साथ बारिश का दौर चलता रहा। उधर, जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति व किन्नौर सहित चंबा तथा कुल्लू में भी लगातार दूसरे दिन बर्फ गिर रही है। रोहतांग दर्रे पर तीन फुट, कोकसर और दारचा में करीब डेढ़ फुट हिमपात हुआ है। लाहौल घाटी में संचार व्यवस्था व यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप्प है। इसी तरह बंजार-आनी सड़क मार्ग जलोढ़ी दर्रे के पास भारी हिमपात के चलते यातायात के लिए बंद है। बारिश-बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आने से समूचे प्रदेश में शीतलहर तेज हो गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा है कि बारिश-बर्फबारी का दौर आगामी 24 घंटों के दौरान भी जारी रहने के आसार हैं। मैदानी क्षेत्रों में 14 दिसम्बर जबकि मध्यवर्ती व उच्च पर्वतीय इलाकों में 15 दिसम्बर तक मौसम खराब रहेगा।