पंजाब के मुख्य मंत्री ने भी की राज्य में 1.74 लाख हैल्थकेयर वर्करों के लिए कोविड टीकाकरण मुहिम की शुरूआत

मोहाली (एस.ए.एस नगर), 16 जनवरी:

कोविड टीकाकरण मुहिम की आज शुरुआत करते हुए पंजाब देश में इन ऐतिहासिक पलों का हिस्सा बन गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पहले चरण में 1.74 लाख स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण मुहिम की वर्चुअल तौर पर शुरुआत की और यहाँ उनकी मौजूदगी में पाँच हैल्थकेयर वर्करों को कोविड वैक्सीन लगाई गई।

आज मोहाली के 6-फेज़ स्थित सिविल अस्पताल में मुख्यमंत्री की हाजिऱी में पहली पाँच ख़ुराकें डॉ. सन्दीप सिंह, डॉ. चरन कमल, डॉ. डिम्पल धालीवाल श्रीवास्तव, कंप्यूटर ऑप्रेटर आशा यादव और दर्जा चार कर्मचारी सुरजीत सिंह को लगाईं गई। इस मौके पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सिविल अस्पताल में इन पाँच स्वास्थ्यकर्मियों को स्नेह के तौर पर तोहफ़े के तौर पर पौधे भेंट किये।

पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सबसे पहले वैक्सीन लगवानाचाहते थे, परन्तु भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक पहले चरण में सिफऱ् हैल्थकेयर वर्करों को भी इसमें कवर किया जा सकता था। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ‘‘मैं अगले चरण में निश्चित तौर पर वैक्सीन लगवाऊंगा।’’ 

मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक पहले स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी जायेगी और उसके बाद सैनिकों और पुलिस मुलाजि़मों का टीकाकरण होगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह कम आमदन वाले समूहों से सम्बन्धित लोगों को वैक्सीन मुफ़्त मुहैया करवाने की आज्ञा देने संबंधी प्रधानमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं।

इस टीकाकरण की सुरक्षा संबंधी एक सवाल के जवाब में इस वैक्सीन को उस समय तक मंज़ूरी नहीं दी गई जब तक वैज्ञानिकों ने इसके सुरक्षित होने की मंज़ूरी नहीं दी। उन्होंने कहा कि विश्व में बहुत सी मशहूर शख्सियां बिना किसी दुष्प्रभाव के कोविड वैक्सीन लगवा चुकी हैं और इन हस्तियों में इंग्लैंड की महारानी ऐलिज़ाबैत्थ जो 93 वर्षों की हैं और उनके पति जो 99 वर्षों के हैं।

इससे पहले किसान विकास चेंबर में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड टीकाकरण की राज्य स्तरीय शुरुआत का एलान करते हुए वह ख़ुशी महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, सामाजिक दूरी और अन्य सुरक्षा उपायों का पालन करते रहने की अपील की। यह जि़क्र करते हुए कि तालाबन्दी, कफ्र्य़ू और इसके बाद की सभी पाबंदियों का मंतव्य कोविड महामारी के शिखर को टालना था, जिससे इसका टीका उपलब्ध हो सके, मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में सब्र रखने और सहयोग देने के लिए लोगों का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है और वह उम्मीद करते हैं कि यह पंजाब और देश के बाकी हिस्से में कोविड महामारी के मुकम्मल ख़ात्मे का रास्ता साफ होगा। हरेक नागरिक की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए उन्होंने ईश्वर के समक्ष टीकाकरण मुहिम की सफलता के लिए प्रार्थना भी की।

मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड का फैलाव रोकने के लिए हैल्थकेयर वर्करों और अन्यों की सराहना की, जिससे अब कोविड पॉजि़टिव की संख्या 3700 के शिखर पर पहुँच गई थी, अब कम होकर 242 रह गई है। उन्होंने कहा कि यह संख्या भी सिफऱ पर लाने का लक्ष्य है और उनकी सरकार पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी।

कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में साल भर से बने हालातों को याद करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि देश में कोविड का पहला मामला 30 जनवरी, 2020 को केरला से सामने आया था और पंजाब में कोविड-19 का पहला मामला 5 मार्च, 2020 को रिपोर्ट किया गया था, जिसने इटली की यात्रा (ट्रैवल हिस्ट्री) की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के फैलाव से लेकर अब तक पंजाब में लगभग 1.2 करोड़ व्यक्तियों की कोविड के लक्षणों के लिए स्क्रीनिंग की गई है और अब तक 41 लाख से ज़्यादा व्यक्तियों की टेस्टिंग की जा चुकी है और तकरीबन 1.7 लाख व्यक्ति कोरोना पॉजि़टिव पाए गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है जिसने तालाबन्दी और कफ्र्य़ू लगाने के अलावा कफ्र्य़ू के दौरान खाने-पीने की वस्तुएँ और दवाएँ घर-घर पहुँचाने को यकीनी बनाया। उन्होंने कहा कि इस घातक वायरस पर काबू पाने के लिए ‘मिशन फ़तेह’ के अंतर्गत उनकी सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों पर प्रकाश डाला। 

अपने संबोधन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने टीके की खरीद के लिए मामला लगातार केंद्र के पास उठाने के लिए मुख्यमंत्री धन्यवाद किया, जोकि समय की ज़रूरत थी। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियाँ कर ली गई हैं, जिसमें रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल और टीकाकरण के लिए 366 स्थान कार्यशील हैं। प्राथमिक चरण में लगभग 408 टीकाकरण टीमें गठित की गई हैं और 59 टीमें तुरंत कार्य शुरू करेंगी। सिद्धू ने बताया कि उचित तापमान पर वायल्ज़ (शीशियाँ) स्टोर करने के लिए राज्य में 729 कोल्ड चेन प्वाइंट्स स्थापित किये गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव हुसन लाल ने कहा कि देश में सीमित एमरजैंसी प्रयोग के लिए टीके अधिकारित किए गए हैं। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 3000 ख़ुराकें, रक्षा स्वास्थ्य संभाल कामगारों के लिए 9000 ख़ुराकों के अलावा सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में काम करने वाले प्रांतीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए 1.93 लाख ख़ुराकें शामिल हैं।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि कोई भी राज्य या केंद्र सरकार रक्षा, खाद्य और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों का निजीकरण नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में कुछ हद तक तो निजी सेवाएं हासिल की जा सकतीं हैं, परन्तु इस पर संपूर्ण तौर पर निर्भर नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिससे महिलाओं में उनकी स्वास्थ्य देखरेख और कल्याण संबंधी जागरूकता पैदा की जा सके। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल वैनें डॉक्टरों और पैरा-मैडीकल स्टाफ समेत जांच और इलाज की सुविधाओं से लैस होनी चाहीए हैं।

पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिन्दर सिंह ढिल्लों ने कोविड की स्थिति से निपटने के लिए तत्काल बनते कदम उठाने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की।